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الضــحايا
معنــاهم
الشــهداء
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الألــى
بعــد
مــوتهم
احيــاءُ
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ســئموا
الأرض
موطنــاً
ومقامـا
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فغــدت
تنتمــي
اليهــم
سـماء
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وتســامت
ارواحهــم
عـن
حيـاة
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مــن
هبــاء
شـؤونها
اسـتهزاء
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لا
يضير
الضحايا
ان
يدرجوا
الاك
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فـــان
مــوتى
وانهــم
اشــلاء
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مــا
هــم
اشــقياءُ
لكـن
شـقي
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كــل
مــن
قـال
عنهـم
اشـقياء
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والشـقي
الشـقي
مـن
يظلم
النا
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س
فيشـــقى
بظلمــه
الضــعفاء
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والسـعيد
السعيد
من
اسلم
الرو
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ح
وفــي
قلبــه
يشــع
الضـياء
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والالـى
قـد
قضـوا
قبيـل
ليـال
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فـي
سـبيل
الاوطـان
هـم
سـعداء
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هــم
ضــحايا
اوطـانهم
واسـود
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لفظتهــم
مــن
جوفهــا
صـحراء
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زهـدوا
فـي
الحيـاة
لا
تستبيهم
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كـــأس
خمــر
وغــادة
غيــداء
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انقياء
القلوب
يرجون
وجه
اللَه
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يـــدعون
ان
يجـــاب
الرجــاء
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فقـــراء
لا
يطلبـــون
ثـــراء
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غيــر
ان
يلحـدوا
وهـم
شـرفاء
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بســلاء
مــا
استســلموا
لعـدو
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غاشـــم
مـــن
ورائه
اعـــداء
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بـل
مضـوا
يرخصـون
أغلـى
نفوس
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لـم
يصـبها
مـن
الكفـاح
عيـاء
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وقضـوا
فـي
سـبيل
احيـاء
ذكرى
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فكـــرة
كــم
اعزهــا
شــهداء
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وارتقـوا
في
مراتب
الروح
افقا
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طــافه
قبــل
مــوتهم
انبيـاء
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هــؤلاء
تعــدهم
فــي
الضـحايا
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الالــى
بــالخلود
هـم
احريـاء
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خلـــدتهم
بطولـــة
وارتخــاص
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للمنايــــا
وهمـــة
قعســـاء
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ضـاقت
الأرض
بالـذي
كـان
فيهـم
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مــن
إبــاء
وضــاقت
الجـوزاء
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وابـوا
عيشـة
الهـوان
وان
يـح
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يــوا
وفيهــم
مــروءة
وابـاء
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فـابتغوا
ينفضون
عنهم
غبار
ال
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ذل
شــيئاً
فــي
ســره
أشــياء
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وســقوا
تربــة
الـثرى
بنجيـع
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فانتشــت
واســتخفها
اسـتحياء
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فــإذا
بــالثرى
فراديـس
عـدن
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وإذا
بــالنجميع
عشــب
ومــاء
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وإذا
بــالطيور
تشــدو
أغـاري
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د
البكــاء
وفـي
بكاهـا
عـزاء
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وغــذا
بـالزهور
تعبـق
بـالنش
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ر
الـــذكي
فتنتشــي
الأرجــاء
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والنســيم
يهــب
وهــو
عليــل
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والســـواقي
انينهــا
اصــداء
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والــدراري
تشـع
نـوراً
مـذابا
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فـــي
فضـــاء
تحفــه
افضــاء
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والأمــاني
تــرف
نشـوى
عـذابا
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وعليهــا
مــن
الهــدوء
غشـاء
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وتغنــي
عــرائس
الشـعر
لحنـا
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فيـه
ذاب
الهـوى
ومـاس
الهواء
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والضـحايا
لـولا
الخلـود
لكانت
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وهــي
والميــتين
حتفـاً
سـواء
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