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قــل
لمــن
تــاه
دلالا
وهـوى
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انتبه
للموت
واهجر
ذا
الهوى
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فمنـادي
الحـزن
قـد
أزعجنـا
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وغـراب
الـبين
قـد
هد
القوى
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إذ
نعانــا
بوفـاة
المرتضـى
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قاســم
شــهم
همــام
ولــوا
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فسـكبت
الـدمع
ممزوجـا
دمـا
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سـائلا
مـن
قطـره
الـورد
روى
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قــائلا
مسـترجعا
واهـا
علـى
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فقـد
هـذا
المنتحى
والمنتوى
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كيـف
يهنا
الصبر
يا
قوم
وقد
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غــار
بحركــان
للــدر
حـوى
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هـل
لنـا
مـن
بعـد
هـذا
أحد
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يعـظ
النـاس
ويشـفي
بالـدوا
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هـل
لنـا
مـن
يقتفـي
آثـاره
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بعـده
مـن
كـان
يدري
ما
روى
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مـن
يقيـم
الليـل
احياءا
له
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بركــوع
مـن
تحاشـى
وارعـوى
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مـن
يـرى
الصـوم
دواما
حرفة
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ولـه
مـن
خشـية
اللـه
انزوا
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مـن
لسـكب
الـدمع
خوفا
للذي
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جعــل
الارض
بســاطا
واسـتوى
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مــن
اذا
مــا
جئتــه
زائره
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تلـق
بحـرا
منه
تزداد
ارتوا
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أبنــي
مصــعب
زوروا
قــبره
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واطلبوا
الله
لنا
حسن
النوى
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ابنــي
مصــعب
أبكــوه
دمـاً
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مـا
حييتـم
وان
الجسـم
ضـوى
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قـد
بكـاه
النـاس
طـرا
ولذا
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كـل
قلـب
سـمع
النعـي
انطوى
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وبكتــه
الكتــب
اذ
فارقهـا
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وبــه
قـد
شـفها
حـر
الجـوى
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لا
تقولــوا
انــه
ميــت
ولا
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غـاب
عنابـل
مـع
الحـور
ثوى
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وجنــان
الخلــد
مـن
مسـكنه
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بـرد
اللـه
ثـرى
عنـه
احتوى
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أبنــي
مصــعب
لا
تستســلموا
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واحذر
والا
تتبعوا
طرق
الهوى
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فجميـل
الـذكر
ذاك
المنتقـى
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نجلــه
الاكــبر
قـد
صـارلوا
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وغــدا
فضـلاً
همـا
مـا
سـيداً
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فيصــلا
قــاضٍ
بعـد
مـا
نـوى
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وأبــو
بكـر
كـذا
مـن
بعـده
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اذ
حـوى
الفضـل
وللعلـم
روى
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واذا
الليـث
ثـوى
فـي
رمسـه
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صـار
للـدين
مـن
الشـبل
قوى
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يـا
أبـا
بكـر
تجلـد
واصطبر
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ان
فــي
الصــبر
لأجـراً
ودوا
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قـد
أصـبنا
وبلينـا
يـا
لها
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قصــة
عمـت
ببلواهـا
الهـوا
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لا
تقــل
انــي
بهــا
منفـرد
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اننــا
واللــه
فيهـا
لسـوا
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واذا
ضــاق
بـك
الحـال
فقـم
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واذكـر
اللـه
تر
الأمر
انزوى
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وتـذكر
مـن
مضـى
مـن
قبلنـا
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مـن
أطاع
الله
مع
من
قد
غوى
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كنــبيء
اللــه
نــوح
جـدنا
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ملـك
المـوت
لـه
العمـر
طوى
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وســليمان
بــن
داود
الــذي
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قهــر
الجــن
وللملــك
حـوى
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صـلوات
اللـه
عنهـم
قد
مضوا
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بقضــاء
هكــذا
الرســل
روى
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أيــن
فرعــون
وشــداد
ومـن
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بعـده
ممـن
على
العرش
استوى
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هــدموا
قصـرا
وعلـوا
غيـره
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وطغـوا
فـي
الارض
طوعا
للهوى
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كلهـم
بـادوا
ولـم
يبـق
لهم
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غيـر
ذكـر
بلسـان
ذي
التـوا
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واذا
لـم
يكـف
فـامعن
نظـرا
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تلق
فقد
المصطفى
يسلي
الجوى
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وقـل
ان
المـوت
حـوض
والورى
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كلــه
يشــرب
كاسـا
بالسـوا
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وهــي
بــاب
كلنــا
نــدخله
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مــن
حقيــر
وجليـل
ذي
قـوى
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عظــم
اللــه
لـك
الاجـر
فلا
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جــزع
يــورث
غيــر
الاكتـوا
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وكـــذا
كــل
قــراري
صــفا
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وبنــو
مصــعب
أهـل
الاسـتوا
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واذا
مـا
جئت
نحـو
القبر
قل
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رب
روح
روح
مـن
فيـه
انطـوى
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وعلــى
المختـار
صـلى
ربنـا
|
مـا
أضـا
بـرق
ومـا
رعد
دوى
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