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مـن
بـدورٌ
تسـير
فـي
المركباتِ
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ومـــن
القبعــات
فــي
هــالاتٍ
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كللتهـا
ازاهـر
الصـنع
مـن
نب
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ت
الايـادي
لا
مـن
ايادي
النبات
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اقحـوان
يفـاخر
الثغر
في
الحس
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ن
وورد
يفــــاخر
الوجنــــات
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زهـرات
مـا
حاكهـا
ابـن
سـحاب
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فـي
ربى
الروض
بل
بنان
البنات
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قـد
عـداها
طيـب
الازاهـر
لكـن
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قـد
عدا
الزهر
ما
بها
من
ثبات
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ان
يكــن
فاتهــا
الاريـج
فقـد
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عوضــن
عنــه
روائح
الغانيـات
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او
يكــن
فاتهــا
ريـاض
جنـان
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فهــي
فـوق
الـرؤوس
فـي
جنـات
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اوعـدتها
الغصـون
فهـي
على
مث
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ل
غصــون
الربـى
مـن
القامـات
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كـل
هيفاء
تفضح
البدر
في
الحس
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ن
وظــبي
الفلاة
فــي
اللفتـات
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ســائرات
جـوالس
فهـي
لـم
تـع
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جــــل
ولكنهـــا
علـــى
عجلات
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مفـردات
الجمـال
تنطلـق
الخـي
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ل
فـــرادى
بهـــا
ومزدوجــات
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وكــأَن
الجيــاد
تشـعر
بـالحس
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ن
فتجـــري
بهـــن
مفتخـــرات
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قــد
درت
أنهــا
تجــر
بـدوراً
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فتبــارت
كــالانجم
الســائرات
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مســرعات
تــرى
الـدواليب
مـن
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ســرعتها
فـي
مرورهـا
ثابتـات
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ويدور
النسيم
في
الريش
فوق
ال
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روس
حـــتى
تخالهــا
طــائرات
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وقلــوب
العشـاق
تتبـع
الغيـد
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تبــارى
أفراســها
الجاريــات
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وتحــوم
الابصـار
تنتهـب
الحـس
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ن
انتهابـاً
مـن
اعيـن
ناهبـات
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وتضــل
العيــون
بيــن
جمــالٍ
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وجمـــال
فتغتـــدي
حـــائرات
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صـاح
هـذي
هـوادج
الحضـر
اليو
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م
فخــلّ
الهــوادج
الباديــات
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ودع
النــــــــوق
والفلاة
فلا
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نوقــاً
باحيائنــا
ولا
فلــوات
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ودع
العيــس
والحــداء
لقــوم
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الفــوا
عيسـهم
وزجـر
الحـداة
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تلـك
حـال
مـرت
قـديماً
وذي
حا
|
ل
وســـبحان
مبـــدل
الحــالات
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انمــا
عيســنا
ســوابق
خيــل
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ولـــدينا
هــوادج
المركبــات
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فهنــاك
الجمـال
تاخـذه
العـي
|
ن
جليـــاً
وياخـــذ
المهجــات
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وهنـاك
الـدمى
تباح
للحظ
الطر
|
ف
لكنهـــا
مـــن
المحصـــنات
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حسـنات
العصـر
الـذي
كلـه
نـو
|
ر
يجلـــي
غيـــاهب
الظلمــات
|
|
ان
يسـؤنا
الماضـي
فقـد
سر
آتٍ
|
فـاغتفر
مـا
مضـى
بمـا
هـو
آت
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