|
لوامـــة
حلـــف
الملامـــه
|
أهــدت
إلــى
قلـبي
سـقامه
|
|
لوامـــــــة
نوامـــــــة
|
أيــن
المنـام
مـن
الملامـه
|
|
خلــو
الحشــا
عــن
طــارق
|
للجفــن
مــا
نعــه
منـامه
|
|
متمـــدد
الليــل
الطويــل
|
كــرى
وليلــي
لــن
أنـامه
|
|
فبـــدا
يلـــوم
ولــو
درى
|
مـا
فـي
الحشـا
ما
كان
لامه
|
|
بـــاللوم
رام
ســلو
قلــب
|
لا
تســـــليه
المـــــدامه
|
|
وجمــود
جفــن
ليــس
ترقـى
|
الغانيــات
لــه
انســجامه
|
|
لا
ريقهــا
المعسـول
يشـفيه
|
ولا
فــــــرع
البشـــــامه
|
|
هيهـــات
ذلـــك
ضــعف
رأى
|
كيــف
صــفو
العقــل
رامـه
|
|
ســام
العــزا
صــباً
محـال
|
عنـــده
مــا
كــان
ســامه
|
|
لـم
يكفـه
الـدمع
المكفكـف
|
والجــوى
المبـدي
اضـطرامه
|
|
أفمــــا
بــــذاك
علامـــة
|
لـو
ذو
حجـى
يرعـى
العلامـه
|
|
خــــل
الجــــوى
لمـــتيم
|
خلــى
الســرور
لمســتدامه
|
|
لا
يســتطيع
ســوى
الشــجون
|
فكيــف
وهــي
غــدت
قـوامه
|
|
غــــدت
الكآبـــة
نفســـه
|
حـــتى
أقـــامته
مقـــامه
|
|
تلقـــــى
مــــدامعه
رواه
|
وحـــرم
مهجتـــه
طعـــامه
|
|
او
لـــم
يرعــك
الاكرمــون
|
ومــا
قضــت
لهـم
الكرامـه
|
|
وقيامـــة
بـــالطف
قــامت
|
دون
أدناهــــا
القيـــامه
|
|
زلزالــة
اهــدت
قوارعهــا
|
إلـــى
الكـــون
اصـــطلامه
|
|
طخيـــاء
كالحــة
الســواد
|
كـــأن
ســـاريها
حمـــامه
|
|
فرعـــاء
يكتســـب
الــدجى
|
مــن
جنــح
طايرهــا
ظلامـه
|
|
طـــارت
فاكســبت
الوجــود
|
غياهبـــاً
أوهـــت
نظــامه
|
|
فياضـــة
الكربـــات
مثــل
|
البحــر
يلتطــم
التطــامه
|
|
كالســـيل
اقـــدم
كلمـــا
|
كفكفـــت
زاد
بــه
غرامــه
|
|
مــــــــــــــوارة
دوارة
|
لهواتهـــا
جثـــث
وهــامه
|
|
يزجــــي
رحاهـــا
ســـاهر
|
ان
عــب
بحـر
الحتـف
عـامه
|
|
تلقــى
الجبــال
تمــر
مـن
|
ســـطواته
مـــر
الغمــامه
|
|
متلفتـــات
ليـــس
يـــدري
|
الفــذ
منهــا
مــا
أمـامه
|
|
مـــن
معشـــر
ضــرب
الجلال
|
بهــم
علـى
العليـا
خيـامه
|
|
أدنــى
منازلهــا
الســماك
|
ومـــن
أظلتهــا
الغمــامه
|
|
ومـــوطئ
الاقـــدام
منهــا
|
النســـر
كـــاهله
وهــامه
|
|
مـن
احمـد
المختـار
منصـبه
|
وحيــــــدرة
الشـــــهامه
|
|
بجـــبينه
نـــور
النبــوة
|
بيـــن
عينيـــه
الامـــامه
|
|
يعلــــوه
عنــــوان
الجلال
|
بـــه
وســـيماء
الفخــامه
|
|
غضـــبان
يحتقــر
الوجــود
|
ومــا
بلــت
يــده
حســامه
|
|
مــــوف
علـــى
الـــدفعات
|
عـز
اللَـه
اشـجع
مـن
اسامه
|
|
متبســـماً
يلقـــى
العــدى
|
كــالليث
اذ
يلقــى
سـوامه
|
|
غيـــران
امـــا
أن
يجــوز
|
المجــد
أو
يلقــى
حمــامه
|
|
عشــق
الفنــاء
فليــس
دون
|
الحتــف
مــا
يشـفي
غرامـه
|
|
طــرب
إذا
اضــطرب
الغريـق
|
كأنمـــا
الخطــر
الســلامه
|
|
حـــتى
إذا
حـــم
الحمــام
|
وصــــوبت
يـــده
ســـهامه
|
|
وتصـــدعت
شـــمل
الهـــدى
|
صـدعاً
أبـى
الـدهر
التئامه
|
|
قرعـت
أسـاس
المجـد
نافـذة
|
فاســــــرعت
انهـــــدامه
|
|
هـــــــدت
ذرى
رضــــــوى
|
وأردت
يــذبلا
ورمـت
شـمامه
|
|
وأشـــمت
المجـــد
الاشـــم
|
برغـــم
ماجـــده
رغـــامه
|
|
يــا
أمــة
ولــغ
الشــقاء
|
بهـــا
فاركبهـــا
ســنامه
|
|
ورأى
الضـــــلال
محلـــــه
|
منهـــا
فملكهـــا
زمــامه
|
|
مــــا
راقبـــت
لنبيهـــا
|
عهــداً
ومــا
راعـت
ذمـامه
|
|
قتلــــت
أحبتــــه
ومـــا
|
قنعــت
ان
اغتصــبت
مقـامه
|
|
وجــرت
كــذاك
فلــم
تــزل
|
أبــداً
لــه
فيهــم
ظلامــه
|
|
جعلــت
حشـاه
فـدى
السـهام
|
ومـــاء
مهجتـــه
أدامـــه
|
|
هــاتي
كــر
آئمــة
بســاق
|
ومثلهـــا
تركــوا
كرامــه
|
|
فبنــــاته
نهبـــاً
كـــأن
|
أباحهــا
الــدين
اغتنـامه
|
|
ليزيــد
تلحـو
بعـد
كـوفته
|
بلا
ســـــــتر
شـــــــآمه
|
|
أســـرى
يعــز
عليــه
مــا
|
يلقيــن
مـن
بعـد
الكرامـه
|
|
هـــذا
ومهجتـــه
بأيـــدي
|
الخيــل
قــد
رضـوا
عظـامه
|
|
وكريمـــه
البـــدري
فــوق
|
قنــــانه
لاقـــى
تمـــامه
|
|
أكــذا
بــدور
الحســن
لـم
|
تــبرح
لهــا
الخطـى
قـامه
|
|
تـــروي
الرمــاح
أوامهــا
|
منـــه
ومـــا
روت
أوامــه
|
|
والمـــاء
نصـــب
لحـــاظه
|
يلتـــاح
نـــاظره
جمــامه
|
|
يـــا
للرجـــال
لحادثــات
|
قــد
طبــق
الـدنيا
ركـامه
|
|
أرأيـــت
مبعوثـــاً
لقــوم
|
هكـــذا
جعلـــوا
ختـــامه
|
|
قطعـــوا
عنـــاداً
رحمـــه
|
الادنـى
ومـا
خـافوا
اثـامه
|
|
أهــل
الشــقاء
لهـم
مقـام
|
مــا
لنــا
تلــك
المقـامه
|
|
سادوا
لنا
بالسبق
والمأموم
|
لا
يعــــــدوا
إمــــــامه
|
|
أهــل
العدالــة
والوثاقـة
|
والجلالـــــة
والســـــآمه
|
|
مـــا
أن
عليهـــم
لا
ولــو
|
كفــروا
بخــالقهم
لــوامه
|
|
والصـــمت
عـــن
افعــالهم
|
حتـم
قضـى
الـدين
الـتزامه
|
|
سـبوا
النـبي
غصـبوا
الوصي
|
ضــربوا
البتــول
بلا
ملامـه
|
|
حرقــوا
المصــاحف
غيــروا
|
مــن
بيــت
ربهــم
مقامــة
|
|
آووا
طريـــــد
نـــــبيهم
|
طــروا
الــذي
آوى
فهــامه
|
|
حرمـــانه
هتكــوا
أحلــوا
|
باختيـــــارهم
حرامـــــه
|
|
وتخلفـوا
عمـداً
مـع
اللعـن
|
المؤكــــد
عـــن
اســـامه
|
|
هــــذا
وهـــم
ســـاداتنا
|
أولادهــــم
ربـــي
ســـلامه
|
|
والفـرد
منهـم
حـرم
الباري
|
علـــى
الخلـــق
اتهـــامه
|
|
ان
صـح
فالتوحيـد
مـم
ولـم
|
أجــــد
بــــه
اهتمـــامه
|
|
والجاحـدون
وأهل
دين
الشرك
|
لـــم
وضـــعوا
الخضـــامه
|
|
وعلام
يقتلهـــــم
ولـــــم
|
يخلـــف
مرامهـــم
مرامــه
|
|
بــــاللَه
حلفـــة
صـــادق
|
الفــاً
وخمســون
انقســامه
|
|
مـــا
أســـلموا
إســـلامهم
|
بــل
عضـبه
الماضـي
اقـامه
|
|
وبـــه
اســـتقاموا
عنــوة
|
وعلـى
الحقيقـة
لا
اسـتقامه
|
|
ليســوا
هــم
منــه
ولا
هـو
|
منهــــم
قـــدر
القلامـــه
|
|
قنعوا
من
الباقي
بما
نالوا
|
مــــن
الفـــاني
حطـــامه
|
|
وزهــت
لهـا
الرايـات
فـوق
|
رؤســـهم
مثـــل
العمامــة
|
|
وصـرير
صـوت
النعـل
تستحلي
|
ســـــــماعهم
بغــــــامه
|
|
واســـــتعذبت
بطباعهــــا
|
مـن
فعلهـا
المـردي
زقـامه
|
|
فليعلمــــــن
معاشــــــر
|
أن
تــأت
فاطمــة
القيـامه
|
|
ولينـــدمن
هنـــاك
قـــوم
|
حيـــث
لا
تغنــي
النــدامه
|
|
وليســـئلن
عـــن
الوصـــي
|
وحكمـــة
قضـــت
اهتضــامه
|
|
ولأي
امــــــر
طفلهــــــا
|
فــي
بطنهــا
رضـوا
عظـامه
|
|
وبــــأي
حــــد
زنــــدها
|
بالسـوط
قـد
جعلـوا
وشـامه
|
|
ولهيــــب
بيـــت
الـــوحي
|
بـالنيران
لـم
وصلوا
ضرامه
|
|
ويــل
أم
هاشـم
مـا
لفـاطم
|
قـــدر
ســـعد
واحـــترامه
|
|
ويــل
قضــى
أبــد
الزمـان
|
علــى
بنـي
الـدنيا
دوامـه
|
|
ويــل
قرعــت
الســن
منــه
|
ندامـــة
لا
بـــل
غرامـــه
|
|
لــترى
نفيلــة
بــل
أميـة
|
بـــل
ســمية
بــل
حمــامه
|
|
أضــــعاف
مــــا
كســـبته
|
سـاعة
يجمـع
البـاري
أنامه
|
|
والفضـــل
عــدلاً
والقضــاء
|
بكـــف
عـــادله
انتقامــة
|
|
قــد
قلــت
للسـاري
المغـب
|
المحمــس
الوجنــاء
عــامه
|
|
علــــق
بقطــــع
البيـــد
|
وصـال
السـرى
سـأم
السئامه
|
|
يزجــــي
لهــــا
زيافـــة
|
فــي
سـيرها
مثـل
النعـامه
|
|
لبــس
الــدجى
بـرداً
وصـير
|
حنــــح
غيهبـــه
لثـــامه
|
|
غــــول
الســــرى
شـــربت
|
بطـاح
الحـق
وابتلعك
اكامه
|
|
بـــاللَه
ان
جئت
الطفـــوف
|
مبلغــــاً
عنــــي
ســـلامه
|
|
مــن
بعـد
ان
قبلـت
تربتـه
|
واكــــــثرت
التثـــــامه
|
|
وشــــفيت
دائك
اذ
مســـحت
|
بوجهـــك
العــالي
رغــامه
|
|
ومعـــــارج
الافلاك
حيــــث
|
قيامهـــا
يتلـــو
قيــامه
|
|
وســـمعت
اصــوات
الــدعاء
|
وقـــولهم
لهــم
الكرامــه
|
|
فــاذكر
لـه
الشـوق
الملـح
|
وكيــــف
هيمـــه
هيامـــة
|
|
واخـــبره
ان
الصــب
بعــد
|
لقــاك
لــم
يعــرف
منـامه
|
|
مـا
لذ
برد
العيش
من
ذكراه
|
بعــــــدك
وانصــــــرامه
|
|
يشــــتاق
برقـــاً
كلمـــا
|
اســتعلى
عراقيــاً
فشــامه
|
|
انفاســـه
قيـــد
الزفيــر
|
وســـجعه
ســـجع
الحمــامه
|