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أنـت
حـي
فـي
قلـوب
العارفينـا
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لـم
تمـت
ذكـراك
مع
مر
السنينا
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أنـت
حـي
إيـه
يـا
عبـد
الكريم
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لســت
تفنــى
بممــات
أو
بعـاد
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كنـت
فينـا
مثـل
الخلـق
القويم
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مثلا
يهــدى
إلــى
نهـج
الرشـاد
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كــم
غرفنــا
مـن
فنـون
وعلـوم
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مــن
خضـم
ليـس
يمنـى
بالنقـاد
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وفقـدنا
اليـوم
مـن
بين
النجوم
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كوكبــا
كـان
مضـيئا
فـي
البلاد
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كنــت
نـورا
هاديـا
للسـالكينا
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فـاختفى
والجهل
قد
غشى
العيونا
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أنــت
حـي
حسـبك
اليـوم
خلـودا
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لـم
تمت
يا
صاحب
الروح
الكبيره
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غـاب
عنا
الجسم
واختار
اللحودا
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غيــر
أن
الـروح
بالخـد
جـديره
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فــي
سـبيل
الحـق
قـدمت
شـهيدا
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ليـس
يرضى
الناس
من
أرضى
ضميره
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كنت
في
الدنيا
وفي
الجاه
زهيدا
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فـانعم
اليـوم
بـذكراك
الشهيره
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أنـت
حـي
فـي
عـداد
الخالـدينا
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لــم
تمــت
كلا
وبــالله
يمينـا
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انظـري
يـا
روح
فـالقوم
حيـارى
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وجمــوا
يســتلهمون
الــذكريات
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فهـــم
بيــن
ثمــالى
وســكارى
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مـن
جلال
الخطـب
فـي
شـبه
سـبات
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صــافحي
القـوم
وحييهـم
جهـارا
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واســـعفيهم
بعـــزاء
وعظـــات
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ثـم
عودي
واسكني
في
الخلد
دارا
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وانعمــي
بالباقيـات
الصـالحات
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لــم
تمـوتي
هـذه
ذكـراك
فينـا
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حيــة
نبعثهــا
حينــا
فحينــا
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إيـه
يـا
أيتهـا
الـروح
أجيـبي
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مـن
دنـا
الأرواح
مشـتاقا
دعـاك
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يــوم
ذكــرى
جمعــت
كـل
قريـب
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وبعيـــد
جــاء
يســعى
ليــراك
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فاســتجيبي
لــدعانا
لا
تغيــبي
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لحظـــــة
زوري
وعــــودي
لعلاك
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واتركينـــا
بيـــن
دم
ونحيــب
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شـفنا
الحـزن
فمـا
جـدوى
عـزاك
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حسـبنا
اللـه
وحسـب
الصـابرينا
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صــلوات
مــن
إلــه
العالمينـا
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عجبـا
هـا
أسـمع
الـروح
تنـادي
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مـــن
علاهــا
فــي
هــدوء
وجلال
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مرحبــا
قــالت
بأبنــاء
البلاد
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بعثـوني
قبـل
يـوم
فـي
احتفـال
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أيهـا
الشـعب
مضـيا
فـي
اتحـاد
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حقــق
الآمــال
واســع
للمعـالي
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مـت
شـهيدا
فـي
ميـادين
الجهاد
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لا
تعـش
فـي
الذل
واقدم
لا
تبالي
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إن
موتـا
فـي
عـداد
الهالكينـا
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لهـو
خيـر
مـن
حيـاة
الخاضعينا
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لا
تخـف
يـا
شـيخ
واهنأ
بالخلود
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فـي
أمـان
اللـه
في
نعم
المصير
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إننـا
قـوم
رسـغنا
فـي
القيـود
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زمنــا
ثــم
انثنينـا
كالنسـور
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حلقـت
فـي
الجـو
تسـعى
للوجـود
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حـــرة
تحيـــا
وإلا
فـــالقبور
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كلنـا
فـي
الحـق
ذو
بـأس
شـديد
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لا
يـرى
فـي
مـوته
الأمـر
العسير
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قـد
سـمعنا
منـك
نصـحا
ورضـينا
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ســـنلبي
لجهـــاد
إن
دعينـــا
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فـي
نعيم
الله
في
الخلد
المقيم
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فــي
جـوار
الصـالحين
الأتقيـاء
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بيــن
أرواح
لهــا
شــأن
عظيـم
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وجنــان
الخلـد
مـأوى
الشـهداء
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ســبحي
يــا
روح
للــه
الكريـم
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إنمــا
التســبيح
للـروح
غـذاء
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لــك
منــا
طيــب
الـذكر
يـدوم
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مـا
أضـاء
النجم
في
عرض
السماء
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وعليــك
اليــوم
منـا
أجمعينـا
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رحمـــات
تتـــوالى
بالمئينــا
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