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مـا
لراجـي
الخلـود
نيل
الخلود
|
إن
ورد
المنــون
حتــم
الـورود
|
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انمــا
المـوت
عرضـة
ليـس
عنـه
|
مــن
محيــصٍ
كلا
ولا
مــن
محيــد
|
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مــن
يســالمه
ريبــه
لا
يكـونن
|
فـي
أمـان
مـن
ريبـه
سـوف
يودي
|
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إنمـا
المـرء
فـي
الحيـاة
معارٌ
|
عــن
قريــب
يعـاد
مـن
مسـتعيد
|
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لا
بقــــاءً
لحـــادث
لا
بقـــاء
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لســوى
مبــدىء
الأنـام
المعيـد
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ذهـب
المـوت
بـالقرون
المواضـي
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والملـوك
العظـام
أهـل
الجحـود
|
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بــاد
داري
وبـاد
قـارون
بـادت
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ءال
فرعـــون
بعـــدما
نمــرود
|
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ومشــيد
القصــور
قيصــرُ
لمّــا
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يحمــه
المــوت
كـلّ
قصـر
مشـيد
|
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أيـن
سـابور
أيـن
كسـرى
أنو
شر
|
وان
ايــه
عـن
ابرويـز
العنيـد
|
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أيــن
مــن
بــالنبي
آمـن
قبلا
|
أيـن
قـوم
العنـاد
أهـل
الجحود
|
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أيــن
مــروان
وابنــه
وبنــوه
|
وبنــوهم
ام
أيــن
ءال
الرشـيد
|
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كلّهــــم
أودت
المنـــون
وأودى
|
كـــلّ
ذي
قـــوة
وبــأس
شــديد
|
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ليــس
للمـوت
دافـع
حيـن
يـأتي
|
لا
بــــبرج
ولا
بجنـــد
مديـــد
|
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محكمـاتُ
الحديـد
لـم
تغـن
شيئا
|
عــن
ذويهــا
ومرهفـات
الحديـد
|
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لا
ولا
الفضـــل
مكســبا
لخلــود
|
لـم
ينـل
أفضـل
الـورى
من
خلود
|
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انمـا
المـوت
خبـط
عشـواء
مـرد
|
مــا
تلقّــى
مــن
ســيد
ومسـود
|
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لا
تكـــونَنّ
أن
أصـــاب
مصــابا
|
ريبـه
الحتـم
بـالجزوع
الكميـد
|
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فافتقــاد
النـبيّ
والصـحب
منـه
|
هــان
رزءُ
افتقــاد
كــلّ
فقيـد
|
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حقنـا
الصـبرُ
فـي
المصـائب
لكن
|
ذا
مصــاب
يشــب
فــود
الوليـد
|
|
ذا
مصــابٌ
أطــار
نـومي
فليلـى
|
ليــلُ
هيمــان
ذي
همــوم
عميـد
|
|
بــات
وجــداً
ضـجيع
هـمّ
يراعـى
|
أنجمـــا
بالمصــام
ذات
ركــود
|
|
بطئت
فــي
المسـير
حتّـى
تراهـا
|
حــائرات
أو
محكمــات
القيــود
|
|
ان
ليلــي
فــي
جنبــه
لقصــير
|
ليـلُ
بنـت
الشـريد
بابن
الشريد
|
|
ولقــد
هــان
مــن
تبـارح
همّـى
|
بـــرحُ
همّـــى
متمـــم
ولبيــد
|
|
دون
همّـــى
همـــومُ
ذات
وحيــد
|
فجعـــت
حيـــن
غلفــة
بوحيــد
|
|
أيهـا
القلـب
ذب
همومـا
وحزنـا
|
عين
جودي
ما
العذر
إن
لم
تجودي
|
|
لا
تكـوني
عينـا
جمـودا
ففـي
ذا
|
لا
ســواه
ينهــل
دمــع
الجمـود
|
|
قـلّ
لـو
كـان
نافعـا
فيـه
منّـا
|
بعـد
شـق
الجيـوب
لطـمُ
الخـدود
|
|
أتطيــب
الحيـاة
والشـيخ
أمسـى
|
غيّبتــــه
مغيّبـــات
اللحـــود
|
|
أن
مــالي
مــن
اصــطبار
تـولّى
|
إذ
تــولّى
إنسـانُ
عيـن
الوجـود
|
|
صـائمُ
الحـرّ
قـائمُ
القـرّ
دأبـا
|
حســـَبَ
المســتجيد
والمســتفيد
|
|
غــرّةُ
الـدهر
قـرّةُ
العيـن
منـا
|
درّةُ
النحــر
كـان
بيـت
القصـيد
|
|
رضـي
اللّـه
عـن
حميـد
المسـاعي
|
وارث
الشـــيخ
ســـيدي
مولــود
|
|
رضـي
اللّـه
عـن
أبي
الشيخ
هادي
|
ضــلّل
الخلــق
للسـبيل
الرشـيد
|
|
رضـي
اللّـه
عـن
ثمـال
اليتـامى
|
والأيــامي
والمجتــدي
والمريـد
|
|
عــن
صــباح
ان
جــنّ
ليـلُ
ضـلال
|
عـن
سـراج
مـا
إن
لـه
مـن
خمود
|
|
عـن
غنـى
المرمليـنَ
دنيا
وأخرى
|
عــن
أمــان
المفَــزّع
المـزءود
|
|
طــود
علــم
ينحــوه
كـلّ
مريـد
|
مــن
حمــاه
يفِــرُّ
كــل
مريــد
|
|
وإذا
ســـد
بــاب
علــم
عــويص
|
كــان
مفتــاح
بــابه
المسـدود
|
|
علــم
الاصــل
والفـروع
إلـى
أن
|
ليـس
فـي
العلـم
يبتغي
من
مزيد
|
|
صــحب
الحــافظ
المجــدد
حــتى
|
حـاز
مـا
حـاز
مـن
مقـام
بعيـد
|
|
وتحلّــــى
بحليــــه
فتســـامى
|
نحــو
فـاس
مـزار
قطـب
الجريـد
|
|
وثــرى
مــا
ثــوى
فجـد
مشـيحا
|
قاصــدا
بيــت
ربنــا
المعبـود
|
|
طـاف
بـالبيت
زار
أحمـد
والصحب
|
ففــــاز
المجـــدّ
بالمقصـــود
|
|
زار
تلـــك
البقــاع
كلّاً
فلمــا
|
هـــمّ
عنهـــن
نحونــا
بصــدود
|
|
عاهــد
اللّــه
أن
يعـود
إليهـا
|
ولقــد
كــان
وافيــا
بـالعهود
|
|
فقضــى
اللّــه
مـا
قضـى
وقضـاه
|
لــم
يكــن
ان
قضـاه
بـالمردود
|
|
عطّــل
الــذكر
والمســاجد
لمـا
|
أصــبح
الـدهر
منـه
عاطـل
جيـد
|
|
وعلــى
الـدهر
قـد
غـدا
دبـرانٌ
|
طالعــا
بعــد
طالعـات
السـعود
|
|
لــو
ملكنــا
فــداءهُ
لبــذلنا
|
مــا
ملكنــا
مـن
طـارف
وتليـد
|
|
وســـمحنا
بكـــل
نــدب
كريــم
|
وفتـــاة
ريّـــا
الــروادف
رود
|
|
بقــى
الشــيخ
بعــده
وكفانــا
|
خلفــاً
بعــد
شــيخنا
المفقـود
|
|
حمـــد
اللّـــه
ســعيه
وحمــاه
|
وحبـــاه
بكـــل
وصـــف
حميــد
|
|
رب
نــوّر
ملحـود
مولـود
واجعـل
|
يــوم
يلقــاك
عنـده
يـوم
عيـد
|
|
بـــوّأنه
والظـــن
ذاك
مكانــا
|
كـــان
مـــأوى
مقــرب
وشــهيد
|
|
أبــدلنه
جــوار
عيـن
مـن
أهـل
|
ناعمــات
يســحبن
فضـل
الـبرود
|
|
إن
مولــود
يــا
مجيــد
مجيــد
|
يـا
مجيـد
اجـزه
جـزاء
المجيـد
|
|
وصـــــلاة
مقرونــــة
بســــلام
|
مـن
إلهـي
علـى
الوحيـد
الفريد
|