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أبدى
الزمان
من
البشاشة
والصفا
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سـرا
وأثبـت
منهمـا
مـا
قد
نفى
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ان
غـاب
قبـل
اليـوم
عنـا
سعده
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فـاليوم
أسـعد
بـالمرام
وأسعفا
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وقضــى
بعـدل
وهـو
قـدما
جـائرٌ
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ووفـى
وعـادته
العدول
عن
الوفا
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وصـفا
لنـا
بعـد
الصـدود
وصاله
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بوصول
قبر
المصطفى
ابن
المصطفى
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وختــام
أمــر
وابتـداء
هدايـة
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وبنـوة
مـن
حازهـا
فقـد
اكتفـى
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ان
رمــت
حـال
مقـامه
ومقـامهم
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فـانظر
لحـال
المقتفي
والمقتفي
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منــه
اسـتمدوا
واسـتبد
بـزائد
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فـات
المعـارف
كنههـه
أن
يعرفا
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قـد
خصـه
الهـادي
بـأنفس
تحفـة
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ولكــم
اب
خـصّ
البنيـن
وأتحفـا
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يــا
روضــة
شـمخت
بطـود
شـامخ
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أنفـــا
وأكســبها
علاه
تأنّفــا
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إنـي
أراك
كتمـت
سـرا
لـو
بـدا
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للخلــق
أبــدى
حيــرةً
وتوقّفـا
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وأرى
الـثرى
وأرى
بصـحنك
ماجدا
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نصــبت
لأخمصــه
الثريـا
موقفـا
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شـــيخ
تميــزه
مزايــا
كلّمــا
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ذكـرت
يطـأطىء
رأسـه
مـن
أنصفا
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بـأبي
أبـا
العبـاس
أحمـد
إنّـه
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ذخـري
لـدهري
إن
جفـا
أو
أجحفا
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إنــي
أعـوذ
بيسـره
مـن
عسـرتي
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وجــواره
مـن
أن
أضـام
وأخسـفا
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وبهــديه
مــن
أن
أضــلّ
وعــزه
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مــن
أن
أذلَ
وســتره
أن
اكشـفا
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أمغـالي
الـدأماء
فـي
غلوائهـا
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وخليفـة
الغيـث
الملث
أن
أخلفا
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حاشـى
أكفّكـم
الوكوفـة
ان
تُـرى
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مكفوفــةً
عمّــن
أتــى
متكفّفــا
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أتحفتـم
حـل
الجـدى
مـن
لم
يرد
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منـه
السـؤال
فكيف
من
قد
ألحفا
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مــن
أورد
الآمـال
حـوض
نـوالكم
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فلهـا
الأمان
من
أن
تذاد
وتصرفا
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مـولاي
قـد
حمـل
الجنايـة
نحوكم
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جـان
قد
أسرف
في
الذي
قد
أسلفا
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قــد
أتلفـت
يمنـاه
كـل
أمانـة
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فمـن
الكفيـل
بغرم
ما
قد
أتلفا
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يزجيــه
نحــوكم
اعتقـادٌ
صـادقٌ
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فأتـــاكم
مســتعطياً
مســتعطفا
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يــدلي
بـبرح
محبـة
قـد
طالمـا
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منهــا
تشــوف
للقــاء
تشــوّفا
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وبخدمــة
ســبقت
لوالـده
الـذي
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لـو
سـمتمون
الـبيع
لن
يستنكفا
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قـد
راش
سـهم
الـذب
دون
حمـاكم
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أن
يســتباح
وسـل
عضـبا
مرهفـا
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فــاللّه
يرضــيكم
ويرضـى
عنكـم
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ويحلّكــم
غرفــا
علـون
ورفرفـا
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ويسـوق
مـا
سـاق
الصـلات
بفضـله
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أزكـى
الصـلاة
لخيـر
عبد
قد
صفا
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