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أعلمـت
مـن
حملـوا
علـى
الأعواد
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أرايـت
كيـف
خبـا
ضـياء
النادي
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جمـع
تسـاقوا
كـأس
حـزن
بينهـم
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مــالت
رؤوســهم
علــى
الأجيـاد
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يتطــالعون
إذا
خطــوا
فكـأنهم
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يخطـــون
فــي
الأغلال
والأصــفاد
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يســمعون
نحـو
منـازل
حجراتهـا
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مغشــــية
بمـــواكب
القصـــاد
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متشـــابهات
لا
تغــابر
بينهــا
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خـافي
المعـالم
عنـدها
كالبادي
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مـا
مثـل
هـذا
اليوم
يمحى
ذكره
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هـــو
مثبــت
بصــحائف
الآبــاد
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لا
ينكروا
الجرم
الذي
قد
أجرموا
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إن
العصــور
لــه
مــن
الأشـهاد
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وعصــابة
حلــت
مكــان
عصــابة
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مثـل
الجـراد
أتـى
بـاثر
جـراد
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يقتادهـا
واهـي
العزيمـة
ظـالع
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منواصـــل
الأبـــراق
والأرعــاد
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ثبــت
اللجاجــة
لا
يـدين
لحجـة
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صـعب
العنـاد
إذا
انتحـى
لعناد
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إن
ســيق
للإنصــاف
جــد
حرانـه
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وإذا
يقــاد
فليــس
بالمنقــاد
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هــوي
الــدعاء
فلا
يمـل
دعـائه
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ألــف
النـداء
فلا
يـزال
ينـادي
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خـافي
المـراد
فلا
يـبين
مـراده
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وأظنـــه
يحيــا
بغيــر
مــراد
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هـي
فتنـة
قد
كان
أكمنها
المدى
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واليـوم
تلـك
النـار
تحـت
رماد
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جــادت
مواســمها
وصـوح
نبتهـا
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والآن
آذن
عامهـــــا
بحصــــاد
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كـاد
النهـى
يـزع
الهـوى
لكنما
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درس
النهــى
وعـدت
عليـه
عـواد
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إنــا
لفــي
زمـن
تسـاوى
خيـره
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بالشـــر
إن
مضـــله
كالهــادي
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أرخـوا
قيـاد
معاشـر
فاسترسلوا
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مــا
مثلهـم
يمشـي
بغيـر
قيـاد
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فليــبرأ
الآبــاء
مـن
أبنـائهم
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يـــا
شــقوة
الآبــاء
بــالأولاد
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تبكـي
لـوادي
النيـل
أعيـن
أمة
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جــادت
مواطرهــا
فعـب
الـوادي
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لهفــي
علـى
آمـال
قـوم
أخطـأت
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قــد
كـان
يعـرف
رأيهـم
بسـداد
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هـم
طـاردوا
العاصين
حتى
أجفلت
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عنــه
نعــائمهم
بطــول
طــراد
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يـا
مصـر
قربـك
زاد
قلـبي
حسرة
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يـا
ليتنـي
عنـك
اسـتطال
بعادي
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مـا
كنت
أوثر
أن
ترى
بك
بعد
ذا
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كنــس
الظبــاء
مرابــض
الآسـاد
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أو
كلمــا
راحـت
خطـوب
أو
غـدت
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بكـــرت
عليـــك
روائح
وغــواد
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ســبع
وعشـرون
انقضـت
أعيادهـا
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ومللــت
أنــت
تعــاقب
الاعيـاد
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ورأيــت
رواد
الجمـال
تكـاثروا
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فســئمت
فــرط
تكــاثر
الـرواد
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إن
كـان
أغضـى
الدهر
عنك
لغاية
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فستنقضـــي
ويظـــل
بالمرصــاد
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أو
نـامت
الأحـداث
عنـك
لياليـاً
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فلـــرب
نــوم
ينتهــي
لســهاد
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تفـدي
ابـن
نيـروز
اعـاديه
إذا
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عـز
الفـداء
ولـم
يجـد
من
فادي
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يا
قوم
رمسيس
الألى
سادوا
الورى
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لـم
يـؤت
سـؤددهم
سـوى
أجـدادي
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متفـــرد
حيّــا
وميتــاً
هكــذا
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فــرد
الثنــاء
يخــص
بـالأفراد
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حســدوه
فـي
عليـائه
حـتى
هـوى
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ثــم
اســتراحت
أنفــس
الحسـاد
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أمسـت
سـماء
العـز
غيـر
منيـرة
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بغيــاب
ذاك
الكــوكب
الوقــاد
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هيهــات
تـدرك
غايـة
هـو
سـنها
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قــد
جــاز
آمــاداً
إلـى
آمـاد
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طــرف
تقاصــر
كــل
طـرف
دونـه
|
وجــواد
فضــل
فــات
كـل
جـواد
|
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ســـيف
تلألأ
ثــم
عــاد
لغمــده
|
فلـــترجع
الأســـياف
للأغمـــاد
|
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قــل
للـذي
يرتـاد
مثـل
سـبيله
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أعيــت
مالكهــا
علـى
المرتـاد
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يــزداد
حسـناً
مـا
تكـرر
ذكـره
|
مـا
كـل
حسـن
الـذكر
بـالمزداد
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أعـدى
العداة
على
الكرام
حمامه
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وليــومه
أعــدى
علــى
الأكبـاد
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يـوم
أعـاد
لمصـر
ماضـي
حزنهـا
|
لــولاه
لــم
يـك
حزنهـا
بمعـاد
|
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أحــد
أطــاف
علـى
البلاد
بشـره
|
لمـــا
أطــاف
بواحــد
الأحــاد
|
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نــزل
العيـون
فـدمعها
متتـابع
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وثــوى
القلــوب
فبثهـا
متمـاد
|
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أربــت
شـكايات
الأنـام
فجـاوزت
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فيــه
مــدى
الأرقــام
والأعـداد
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وتـآلفت
فيـه
النفوس
على
الجوى
|
اليـــوم
زال
تخــالف
الأضــداد
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أعـزز
علـى
أنـداده
أن
ينكبـوا
|
منــه
بنكبــة
فــائق
الأنــداد
|
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أبكيـك
مثـل
بكـاء
قومـك
نائياً
|
فحــدادهم
أبــداً
عليـك
حـدادي
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ووفـاؤهم
لـك
فـي
وفـائي
مثلـه
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وودادهـــم
متواصـــل
بــودادي
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مـا
كنـت
أغفـل
عـن
أيـاد
طوقت
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هـــذي
البلاد
وأنهـــا
لأيـــاد
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الحـر
حـر
فـي
الشـعوب
جميعهـا
|
مــن
هجــرة
قــد
كـان
أو
ميلاد
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والمجــد
ليــس
مقيـداً
بمعاشـر
|
والعـــز
ليـــس
موطنـــاً
ببلاد
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جاهــدت
فـي
أعلاء
مصـرك
جاهـداً
|
حــتى
قضــيت
لهـا
شـهيد
جهـاد
|
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أثنــي
عليــك
ولا
يظنـوا
أننـي
|
يكبــو
يراعــي
أو
يجـف
مـدادي
|
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إن
يرمنـي
هـذا
الزمـان
بكـبرة
|
يـإن
المعـاني
لـم
تـزل
بقيادي
|
|
ركــب
سـعى
بـك
للفنـاء
وإننـي
|
أنـا
في
رثائك
كنت
وحدي
الحادي
|
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فـاذهب
كما
ذهب
الربيع
وقد
كسا
|
خضــر
الربــى
موشــية
الأبـراد
|
|
إن
ينفـــد
الحــزن
فــإن
لــي
|
قلبــاً
كــثير
مــوارد
الأمـداد
|