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أدرهـا
مـن
سـلافك
يـا
نـديم
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كؤوسـا
صـاغها
الذوق
السليم
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شــرابك
زائد
الحاسـين
عقلا
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ولـم
يـك
هكذا
الشرب
القديم
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لقـد
حـل
النهـى
وحلا
مـذاقا
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وحللـه
لنـا
الشـرع
القـويم
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جلــوت
لخاطبيـك
بنـات
فكـر
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فبـاتت
تعضـل
ابنتها
الكروم
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كـواكب
دونهـا
الأكـواب
دارت
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فبـــاللّه
هاتيــك
النجــوم
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فمنها
في
السرى
الهادي
بنور
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ومنهــا
للأبالســة
الرجــوم
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فبعــض
منــك
يرفعــه
سـماك
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وبعــض
منـك
تبلعـه
التخـوم
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صـحائف
خالهـا
الـرأي
جهاما
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لهـا
بوطيسـها
الحـامي
هجوم
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قــل
اللهــم
أيامـا
تراهـا
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محلقـــة
حوالينـــا
تحــوم
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لــديها
الكفتــان
فلا
جحيـم
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لغيــر
المســتحق
ولا
نعيــم
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جــرت
كالسلسـبيل
لوارديهـا
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وفـي
المضمار
أجراها
الزعيم
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ينســيك
الحريــري
الجزيـري
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نعـم
والبـون
بينهمـا
عظيـم
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لـذاك
اللفـظ
والمعنـى
لهذا
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ومـن
صـنيعهما
اتضـح
الخديم
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نرقـى
الوضـع
والموضوع
حتما
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وراق
بمـا
حوى
الصوت
الرخيم
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هـي
الخضـراء
مـن
حلل
كساها
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فتـاه
بهـا
فتاهـا
المستقيم
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وأرســلها
ميــامن
طــائرات
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خــبير
بـابن
بجـدتها
عليـم
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خطــا
بخطوطهــا
قلـم
لطيـف
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بمــا
تــوحي
قريحتـه
يهيـم
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وللظرفــاء
أطلعهــا
رياضـا
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يلطــف
عبقريتهــا
النســيم
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نحــا
ليراعـه
منحـى
شـريفا
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مشـى
فيـه
كمـا
يمشي
الحكيم
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فلا
عــوج
لــديه
ولا
انحـراف
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ولا
هـــذر
يمـــج
ولا
وجــوم
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يفوقهــا
فلا
تخطــي
ســهاما
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ويلقيهــا
ولـو
غضـبت
تميـم
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يقيــه
غـوائل
الصـدمات
حـق
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اضـاعه
فـي
المصارعة
الغشوم
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فلا
تثنــي
عزيمتـه
العـوادي
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ولا
تــودي
بهمتــه
الحطــوم
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يقـــاوم
ســيء
الأخلاق
حــتى
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يحـل
محلهـا
الخلـق
الكريـم
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تصــدى
غيــر
هيــاب
مشــنّا
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علـى
العـادات
غارته
الخصيم
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فأرضـى
اللّـه
والعقلا
جميعـا
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فليـس
عليـه
أن
غضـب
اللئيم
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فكــم
لـه
مـن
مقـالات
ضـواف
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يهيـم
بحسنها
العربي
الصميم
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وتضـرم
قلـب
حاسـده
احتفاظا
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ويغبطـه
بهـا
الخـل
الحميـم
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نعـم
وإلـى
الأمـام
مشى
بسعد
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فقـل
بـاليمين
مشيك
والقدوم
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وفـي
جلسـاته
جلـس
السـروجي
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وحيانــا
نــثيره
والنظيــم
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وحاجانــا
أبـو
زيـد
وألقـى
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إلـى
فرعـون
ما
ألقى
الكليم
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وفــي
أســبوعه
ربضـت
سـباع
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تقــوم
لمــن
قيـامته
تقـوم
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أشـد
الناس
في
الهيجا
قراعا
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وفيما
دونهاه
العافي
الحليم
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قضـى
في
الخدمة
المثلى
ثلاثا
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تلقاهـا
بمـا
يرضـى
العمـوم
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وهـذا
رابـع
السـنوات
وافـى
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يحييكـــم
محيّــاه
الوســيم
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فحيــوه
بمــا
يحييـه
فيكـم
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فــان
حيــاته
بكمــو
تـدوم
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ومـدوا
راحكـم
ليـروح
فيكـم
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ويغـدوا
سـالما
أو
لا
تلوموا
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هبــوه
ســفينة
تجـري
بريـح
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فلـولا
البحـر
مـا
شرعت
تعوم
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