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رعيـت
ليـال
الوصـل
من
رافع
السما
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لقـد
كـان
فـي
أيامك
القدر
قد
سما
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كمـا
انـه
مـن
بعـدك
انحـط
كيف
لا
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وبُعــد
أحيبــاب
القلــوب
تعاظمـا
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وهجرهـــم
صـــعب
فـــأي
مماثـــل
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لــه
عنــد
عبـد
صـار
صـبا
متيمـا
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عسـى
حسـن
عطـف
مـن
فيـوض
جنـابهم
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يقـــرب
احســانا
ويــولي
تكرمــا
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ويســعف
بالارشـاد
والرشـد
والـولا
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علــى
جيــش
شـيطان
ونفـس
تزاحمـا
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وشــنا
علــى
عبــد
ضــعيف
أغـارة
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وطائفــة
الأهــواء
واللهـو
معهمـا
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ولكــن
هــذا
العبــد
لائذ
بالــذي
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هــدى
وكفـا
أعطـى
أفـاض
الترحمـا
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إلــه
الــورى
الرحمــن
جـل
جلالـه
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مفيـض
النـدا
الغفار
غوث
من
انتما
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وللــه
جــل
اللــه
جــاء
ميممــا
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بأفضــل
مرســول
وهـاد
مـن
العمـا
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محمـــد
المحمـــود
خيــر
عبــاده
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ومرشـدنا
الـداعي
إلـى
خالق
السما
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حـــبيب
مجيـــب
لا
يخيــب
قاصــدا
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لـه
غيـث
جـود
بالمكـارم
قـد
همـى
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لــه
حســن
عطــف
بالضـعيف
واننـي
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علـى
غايـة
الضـعف
وظنـي
بـه
سـما
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فحاشــا
رسـول
اللَـه
يـتركني
سـدى
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وحاشــاه
تخييـبي
وان
كنـت
ظالمـا
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فـــان
لــه
عنــد
الإلــه
شــفيعة
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مخصصــة
قومــا
أصـابوا
الجرائمـا
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وانــي
بــه
أرجــوا
جميـل
إنابـة
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وحسـن
هـدى
واللَـه
مـا
زال
مكرمـا
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وأرجــوا
رضـاء
خالصـا
اسـعفن
بـه
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وخيــر
قبــول
مــع
وصــال
يعممـا
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وأرجـوا
بـه
أخـذي
عـن
الغير
رحمة
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وكينونـــتي
حبــا
محبــا
مكرمــا
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وقربي
ووصلي
واتصالي
بحضرة
الحبيب
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علــى
فيــض
مــن
الخيـر
قـد
نمـا
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وســعدي
وبعـدي
مـن
طبـاع
تقاعسـت
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بكلـي
عـن
الخيـرات
واختارت
العما
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وفــوزي
وأصــحابي
ونسـلي
ومحتـدى
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بخيــر
كمــال
مــع
جمــال
يعظمـا
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وصـــلى
إلهـــي
للحـــبيب
وآلــه
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وأصــحابه
والمســلمين
ومــن
سـما
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