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أآس
عـــذار
فــوق
خــديه
منثــور
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ألـم
الـورد
فـي
روض
بـه
حف
منثور
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حديقـــة
أزهــار
عــبير
شــميمها
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لـه
فـي
جميـع
الكـون
نشـر
وتعطير
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حماهــا
مــن
الجـاني
قسـي
حـواجب
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وفتــاك
لحـظ
سـيفه
العضـب
مشـهور
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إلـى
اللَـه
أشـكو
جفن
ظبي
إذا
رنا
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إلــى
قلـب
صـب
صـاده
وهـو
مكسـور
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إلا
فــي
ســبيل
الحــب
صــب
مـتيم
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مصـاب
بسـهم
الجفـن
ولهـان
مسـحور
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عليــه
ســطا
لحـظ
الحـبيب
بنظـرة
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فــراح
طليقــاً
دمعـه
وهـو
مأسـور
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لئن
ســاءه
يــوم
الرحيــل
فراقـه
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فقــد
ســره
لقيـاه
والحـظ
موفـور
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ألا
قاتــل
اللَـه
الفـراق
فكـم
بـه
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علــى
ذي
رفــاق
قـد
تعسـر
ميسـور
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ورب
محـــب
حـــذروه
مــن
الهــوى
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وقـد
بـات
يغريـه
علـى
الحب
تحذير
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سـباه
غـزال
قـد
دعتـه
إلـى
الحمى
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مهى
الوحش
تبغي
أنسه
والظبا
الفور
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فخلفــه
حيــران
فـي
ظلمـة
النـوى
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وسـار
إلـى
البطحـاء
يكنفـه
النور
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وفــاز
بحــج
الــبيت
غيــر
مقصـر
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وإن
فــاته
حلـق
فمـا
فـات
تقصـير
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وزمـــزم
رانتـــه
بحليــة
لحيــة
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علـى
مثلهـا
الولدان
تحسدها
الحور
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حلاه
بهـــا
زادت
كمـــالاً
وبهجـــة
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وإن
قـال
مـن
يهـواه
حقاً
هي
الزور
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تقــول
لــواحيه
وقـد
عجبـوا
لهـا
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إلا
أن
مــن
يهـوى
العـذار
لمعـذور
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ولمــا
قضــى
نســكاً
وادي
زيــارة
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ولاحــت
علـى
الأوطـان
منـه
تباشـير
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أتتــه
تهــاني
الحـظ
يضـحك
سـنها
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وقلـــب
محــبيه
بلقيــاه
مســرور
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ونــادته
إن
أبشــر
محمـد
بـالمنى
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فجمعـــك
مــبرور
وذنبــك
مغفــور
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وهــذا
لســان
الحـال
قـال
مؤرخـاً
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إلـى
حـج
بيـت
اللَـه
سـاعيك
مشكور
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