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واصـلى
الـدوح
يا
هتوف
ووافي
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رب
وجـد
بيـن
الجوانـح
وافـي
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حمـت
حـول
الحمـى
وأنت
بمرأى
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مــن
ســعاد
ومسـمع
لا
تخـافي
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كيف
شكوى
الأسى
وفي
الجيد
طوق
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وخضــاب
الكفيـن
ليـس
بخـافي
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جـاوبي
الألـف
بـالتغني
وخلـى
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عنـك
بـث
الجوى
لجرحى
الشفاف
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كـم
ألـوفٍ
تباعـدت
عـن
ألـوف
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وغــدوا
فــي
تجنــب
وتجـافي
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حـادي
العيـس
جـد
بنشر
خطاها
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إن
فـي
نشـرها
لطـيّ
الفيـافي
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واحـدها
وحدها
فحادي
اشتياقي
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هــاجني
للهيـام
دون
اعتسـاف
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وطـوى
فـي
الطريـق
شـقة
بعدي
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منـذ
سـعيي
إلى
الحمى
وطوافي
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وإذا
مـا
أتيـت
تلـك
الثنايا
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فــأدر
لـي
عـذيب
ذاك
السـلاف
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واذكرن
لي
العقيق
اسكبه
دمعاً
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حيــث
ذكـرى
أطرافـه
أطرافـي
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وإن
السـفح
فـات
عينـي
وفاقاً
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لا
رأت
فــي
ربــاه
غصــن
خلاف
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ومــتى
لاح
ثــم
للعيــن
عيـن
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فـــي
نعيــم
وجنــة
ألفــاف
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فأنـح
بـي
المطـي
وانزل
بقرب
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فاتصـافي
بالقرب
عين
التصافي
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واحـترس
مـن
سـهام
طـرف
كحيل
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فــوقت
مــن
خلال
ذاك
الطـراف
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وتـوق
الطعـان
مـن
لـدن
سـمر
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مائســات
القــدود
والأعطــاف
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رب
ردف
يهـــتز
ثــانيَ
عطــف
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منـه
ترمـي
بثالثـات
الآثـافي
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كيـف
يرجـى
وصـال
ظـبي
كنـاس
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قـد
حمـاه
ليث
العرين
الجافي
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ذاك
حــي
أمســت
جفـون
ظبـاه
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دون
ألحاظهــا
ظبــا
الأسـياف
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فعلــت
بــالنهى
عيـون
مهـاه
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فعـل
ماضـي
السـهام
بالأهـداف
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فيـه
شـبت
نـاران
نـار
غـرام
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تتلظـــى
ونــار
ذي
الأضــياف
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كـم
تـرى
ثـم
مـن
كمـاة
ثقال
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بكميــت
مـن
الجيـاد
الخفـاف
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هـم
ليـوث
الـوغى
حماة
حماهم
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ليـس
جفـن
الحسام
منهم
بغافي
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إن
يقولـوا
نـزال
قل
خل
عنكم
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أنــا
جــار
لســيد
الأشــراف
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كيف
أخشى
ضيماً
ولي
اليوم
عون
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مـن
بنـي
هاشـم
بـن
عبد
مناف
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ملــك
جــل
عــن
نظيـر
وشـبه
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حـار
فـي
وصـفه
ذووا
الأوصـاف
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مـن
يقسـه
بمـن
مضـى
من
ملوك
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قــاس
عقـد
الجمـان
بالأصـداف
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دولـة
فـاح
عـرف
طيـب
شـذاها
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أيــدت
مــن
منــزل
الأعــراف
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دوحــة
أصــلها
تــائل
مجـدا
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وجنــى
فرعهــا
جنـى
القطـاف
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نسـل
نجل
الزهراء
من
أهل
بيت
|
بيـن
زوجيـن
مـن
تقـى
وعفـاف
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صــفوة
أخلصــت
ســبيكة
نـور
|
أفرغوهــا
فــي
قــالب
شـفاف
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نســـب
فـــاخر
بعنصــر
عــز
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خلقتــــه
أصـــالة
الأســـلاف
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شـــرف
بــازخ
وجــاه
منيــف
|
ليـس
فيمـا
يسمو
به
من
منافي
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ســؤدد
قـد
علا
علـى
كـل
فخـر
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ومعــال
جلــت
عــن
السفسـاف
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هـو
فـرد
حـوى
جميـع
المعاني
|
رب
فـــرد
يغنيـــك
عــن
آلاف
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هــو
بـدر
الكمـال
عـم
سـناه
|
فــي
جميــع
الآفـاق
والأطـراف
|
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هــو
بــر
يــبر
مـن
يرتجيـه
|
هـو
بحـر
عـذب
المناهـل
صافي
|
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كـاد
يحكـي
صـلاته
الغيث
لولا
|
قطــع
جــدوى
غمـامه
انكشـاف
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لـو
أصـابتك
قطـرة
مـن
نـداه
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لتخلصــت
مــن
كفـاف
الكفـاف
|
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مـا
وفـى
نيل
مصر
يوماً
بأوفى
|
مــن
نـوال
تنـاله
إذ
يـوافي
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بطــل
ســيفه
الســليل
غضـوب
|
ليـــس
يرضــى
دون
الطلا
بغلاف
|
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ليــس
فيـه
عيـب
سـوى
سـمهري
|
ذابــل
أنفــه
حليــف
رعــاف
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مـا
عسـير
يـوم
الوغـا
بعسير
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حيـن
شـنوا
الغـارات
بالأرجاف
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حـــل
مخلاف
أرضـــهم
بخميــس
|
ليـس
يـوم
الميعـاد
بـالمخلاف
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بيـن
خيـل
تسـابق
الطيـر
لكن
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مالهـا
مـن
قـوادم
أو
خـوافي
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رجــال
هــم
الأسـود
افتراسـاً
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منشــبات
الأظفــار
بــالأجواف
|
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فسـقاهم
كـاس
الـردى
ودعـاهم
|
أن
أســـيغوه
صــحة
وعــوافي
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فغـدوا
ثـم
بيـن
قتلـي
وجرحي
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وأســـارى
مشــدودة
الأكنــاف
|
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ســطوة
تقهــر
العـدى
وتسـوِّي
|
بيــن
طيـر
العقـاب
والخطـاف
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قـام
بـالجمع
بيـن
ذئب
وشـاة
|
مثــل
جمـع
الرجـاء
والإسـعاف
|
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فـي
حمـاه
يرعى
الجوار
عموماً
|
ويخـــص
النزيـــل
بالأتحــاف
|
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حــرم
آمــن
لمــن
حــل
فيـه
|
حيــث
خيـف
المقـام
بالأخيـاف
|
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أيــد
اللَــه
بيتــه
وحمــاه
|
إذ
حمــى
بيتــه
مـن
الإجحـاف
|
|
يـا
مليكـاً
بـه
الضـعاف
تقوى
|
إذ
علـى
الأقويـاء
حمل
الضعاف
|
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هــاك
منـي
خريـدة
بنـت
فكـر
|
بهـــرت
فــي
منصــة
وزفــاف
|
|
قلـــــدتها
حلاك
عقـــــد
لآل
|
زان
تنظيمــه
سـلوك
القـوافي
|
|
حرسـت
فـي
سـماء
حسـن
سـناها
|
بشــهاب
يرمــي
ذوي
الاختطـاف
|
|
فـاحظ
مـن
وصـلها
بفـض
ختـام
|
وتنــاول
رضــابها
بارتشــاف
|