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خـــبر
بلنســـية
وكــانت
جنــة
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أن
قــد
تـدلت
فـي
سـواء
النـار
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غــدرت
وفيــاً
بــالعهود
وقلمـا
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عــثر
الـوفي
سـعي
الـى
الغـدار
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يــا
أهلهـا
مـن
غـائب
أو
حاضـر
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وقطينهــا
مــن
حاضــر
أو
ســار
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جـازوا
بنـي
عبـد
العزيـز
فانهم
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جــروا
اليكــم
اســوأ
الأقــدار
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ثــوروا
بهــم
متـأولين
وقلـدوا
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ملكــاً
يقـوم
علـى
العـدو
بثـار
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هـــذا
محمــد
أو
فهــذا
احمــد
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وكلاهمـــا
أهــل
لتلــك
الــدار
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جـاء
الـوزير
بهـا
يكشـف
ذيلهـا
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عــن
ســوأة
ســوأى
وعــار
عـار
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نكـث
اليميـن
وحاد
عن
سنن
التقى
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وقضــى
علــى
الاقبــال
بالادبـار
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آوى
لينصـر
مـن
نبـا
المثـوى
به
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ودهـــاه
خـــذلان
مــن
الأنصــار
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بــر
اليميـن
ولـم
يعـرض
نفسـه
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ونفوســـكم
لمصـــارع
الفجـــار
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مـــا
كنتـــم
الا
كأمــة
صــالح
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فرمـــاكم
مـــن
طــاهر
بقــدار
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هـــذا
وخصـــكم
باشــأم
طــائر
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ورمـــى
ديــاركم
باســوأ
جــار
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لابــر
مــن
مسـح
الجـبين
فانمـا
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لطمتــه
غــدراً
غيــر
ذات
سـوار
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هيهــات
يطمــع
بالنجـاة
لطـالب
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ســاع
اذا
ونــت
الكــواكب
سـار
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كيـف
التفلـت
بالخديعـة
مـن
يدي
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رجــل
الحقيقــة
مـن
بنـي
عمـار
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رجــل
تطعمــه
الزمــان
فجــاءه
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طرفيـــن
فـــي
الاحلاء
والامــرار
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سـلس
القياد
الى
الجميل
فان
يهج
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فــدع
العنــان
لهبــة
التيــار
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طبـــن
بــاغراض
الامــور
مجــرب
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فطـــن
لاســـرار
المكـــائد
دار
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مــاض
اذا
بــرزت
اليــه
مصــمم
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هــون
اذا
التفــت
عليــه
مـدار
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مــازال
مــذ
عقـدت
يـداه
إزاره
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فـــــادرك
خمســــة
الاشــــبار
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كشـــاف
مظلمـــة
وســائس
أمــة
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نفـــاع
أهــل
زمــانه
الضــرار
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عجبـاً
لا
شـمط
راضـع
ثـدي
الـوغى
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منــه
وطـود
فـي
العنـا
الخطـار
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شــراب
أكــواس
المــدام
وتـارة
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شــراب
أكــواس
الــدم
المــوار
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جــرار
اذيـال
القنـا
ظنـوا
بـه
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قـد
زاركـم
فـي
الجحفـل
الجـرار
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وكــــأنكم
بنجـــومه
ورجـــومه
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تهــوى
اليكــم
مـن
سـماء
غبـار
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وأنـا
النصيح
فان
قبلتم
فاتركوا
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آثارهـــا
خــبراً
مــن
الأخبــار
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قوموا
الى
الدار
الخبيثة
فانهوا
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تلـك
الـذخائر
مـن
خبايـا
الدار
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وتعوضـــوا
مــن
صــفرة
خبثيــة
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بـــأغر
وضــاح
الجــبين
مــدار
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