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هـذا
النسـيم
أتـاك
مـن
نجد
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متفصــلاً
مــن
صــورة
الصــد
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وطـوى
المهـامه
لا
يخـاف
بها
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برقـاً
يلـوح
كصـفحة
الهنـدي
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والشـوق
أقـوى
مـا
عليه
طوى
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ذو
الاشــتياق
مسـافة
الْبُعْـدِ
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حيَّـــا
فـــأحيتني
تحيتـــه
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وتلا
علـــيَّ
صـــحائف
الــود
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ولثمـت
أقـدام
النسـيم
ومـن
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إجلالــه
لــم
ألْثُــمِ
الأيـدي
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وحللــت
مــن
لبــاته
عقـداً
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فتســـاقطت
بلالىــء
العقــد
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وســألته
هــل
ثَـمَّ
مـن
خـبر
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تهـديه
عـن
سـعدى
وعـن
سعدي
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فتبســـمت
شـــفتاه
قائلــة
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أنـت
الغـبيّ
جهلـت
مـا
عندي
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عنــدي
عتـاب
لـو
يُصـَبُّ
علـى
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صـــَلْدٍ
أذاب
صــلابة
الصــَّلْدِ
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فـالبس
لـديه
السـابغات
عسى
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تنجيـــك
أن
ســهامه
تــردي
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وخـــذ
الســلاح
ولا
أراه
وأن
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مــن
كــل
آلتـه
غـدا
يجـدي
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ســهم
العتـاب
يكـون
مـوقعه
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في
القلب
لا
في
اللحم
والجلد
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فــأدار
كأسـاً
قـد
تجاذبهـا
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ليــن
الخطـاب
وقسـوة
الجـد
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مزجـــتْ
حلاوتـــه
مرارتـــه
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كــالْمُرِّ
مـازج
مـالي
الشـهد
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وطــوى
عتابــاً
فــي
بلاغتـه
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كالوشـيِ
فـوق
معـاطف
الْبُـرْدِ
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أهــدى
إلــيَّ
عتــابه
فحكـى
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لُطـفَ
الريـاض
ونشـرها
النَّـدِّ
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مـا
زادنـي
ذاك
العتـاب
سوى
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وجــد
يضــاعفه
علــى
وجــد
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كالعشــق
يســتحليه
صــاحبه
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وبـه
دواعـي
السـقم
والسـُّهْدِ
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والخمــر
يشــربها
مقارنــة
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لصـــداعها
والإِثــم
والحــد
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أظننتـــم
دهـــري
بجفــوته
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لطبــاع
مثلــي
مثلـه
يعـدي
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إن
الوفــا
بـالطبع
يصـحبني
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للصـحب
مـن
مَهْـدِي
إلـى
لَحْدي
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مثلـــي
أخـــوّته
وصـــحبتهُ
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ســيان
فــي
قـرب
وفـي
بُعـد
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وقـــــديم
ودّي
لا
يغيّــــره
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دهــري
بحادثـة
الـذي
يبـدي
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غيـــري
تغيـــره
حـــوادثه
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ويميــل
ميلــة
كــل
ذي
جـد
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ويـبيع
مـن
عـثر
الزمـان
به
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أن
النســيئة
ليــس
كالنقـد
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أنســِيتَ
أيامــاً
سـلفْنَ
لنـا
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فـي
الحسـن
مثـل
سوالف
الخدِّ
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وعلـى
تـذكُّر
مـا
مضـى
فلنـا
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بحـث
علـى
الأيـام
لـو
يُجْـدِي
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مـا
بالهـا
لـم
ترع
حرمة
من
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أضـحى
لجيـد
المجـد
كالعقـد
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هـو
فـي
جـبين
الـدهر
غرّتـه
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يــا
دهـر
تطمسـه
علـى
عمـد
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وحبســته
عــن
كــل
مقتبــس
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علمــاً
وآدابــاً
فمـن
يجـدِي
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إن
كــان
عــن
لــوم
تحجُّبُـه
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عنــا
وعــن
بخـل
وعـن
حقـد
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فكــذا
طباعــك
غيـر
منكـرة
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فـي
عكـس
مـا
نرجـوه
والطرد
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إن
جــار
دهــر
فــي
تحكُّمـه
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فالصــبر
فيـه
أنفـع
الجنـد
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فـالبس
ثيـاب
الصـبر
مُعلمـة
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بالوشـي
مـن
شـكر
ومـن
حمـد
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وارج
الـذي
تهـواه
عـن
كتـب
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فالــدهر
لا
يبقـي
علـى
عهـد
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كـم
جيـر
قـد
أتهمـوا
زعنـاً
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عـادوا
إلـى
المألوف
من
نجد
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وتعـانقوا
هـم
والسـرور
على
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رغـم
الزمـان
تعـانق
الرنـد
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ضـحوا
بكبـش
النحـس
واتخذوا
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منـه
الشـوى
لضـيافة
السـعد
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شـربوا
كـؤوس
القـرب
حاليـة
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يســتدفعون
مــرارة
البعــد
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غنــى
علــى
أغصــان
عيـدهم
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وُرْقُ
الحلــى
وصــفوة
الأيـدي
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وبلابــل
الأفــراح
قـد
أخـذت
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أعوادهــا
بحــدائق
الــورد
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جســت
بهــا
الأوتـار
قائلـة
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يـا
دهـر
هـذا
منتهـى
قصـدي
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وخــذ
الجــواب
وعُـدهُ
كرمـاً
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واسـتره
عـن
بحـث
وعـن
نقـد
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إنــا
لفــي
زمــن
شــواغله
|
عــدة
فقــد
جلـت
عـن
العـد
|
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منعـــت
صـــوارفه
دواعِيَــهُ
|
وتعاوضــا
فتمانعــا
عنــدي
|
|
كـــل
تغيـــر
عــن
خلائقــه
|
حـتى
السـحاب
وصـادق
الرعـد
|
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حســبي
علــى
زمنـي
وجفـوته
|
لطــف
الإِلـه
الواحـد
الفـرد
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