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أولئك
الصـيد
إن
غـابوا
وإن
حضـروا
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فليـــس
الا
عليــك
المجــد
يقتصــرُ
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يـا
ابـن
الـذين
بنوا
بالبيض
ملكهم
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فلا
يفــــاخرهم
بالملـــك
مفتخـــر
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قــوم
تضــيئ
بنـور
العـدل
أوجههـم
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لــولا
العقــائد
قلنــا
انهـا
سـور
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مضـوا
ومـن
جـل
ان
يُسـمى
لهـم
خلـف
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فالملــك
مـا
دام
بـاق
ليـس
ينـدثر
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مملـــك
تـــاقت
الــدنيا
لرؤيتــه
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كـــأنه
الغيــث
يستســقى
وينتظــر
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والواضـع
السـيف
فـي
جيـد
وفـي
عنق
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حـتى
يـراق
علـى
الأرض
الـدم
الهـدر
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يــوم
بــه
خفقــت
للملــك
ألويــة
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بهـــا
تلـــونت
الاســوار
والجــدر
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فـــأحمرٌ
قـــانئٌ
او
أبيـــضٌ
يقــقٌ
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او
اصـــفرٌ
فــاقعٌ
أو
أخضــرٌ
نِضــر
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قـد
قـام
فيـه
الـى
العليـاء
مقتدر
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تجــري
بمـا
يشـتهي
الايـام
والقـدر
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يــا
أيهــا
الاصــيد
المحيـي
لامتـه
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ذكرا
من
المجد
يطوي
الصيد
ان
ذكروا
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لبتــك
فــي
الحــرب
آسـاد
دعـوتهم
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فــاقبلوا
زُمَــرا
فــي
إثرهـا
زُمَـر
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كـــل
يهــون
عليــه
بــذل
مهجتــه
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فــي
كــل
معـترك
يـودى
بـه
الخطـر
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والحــرب
قائمــة
مــن
كــل
معتقـل
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ســمر
الرمـاح
ومـا
فـي
بـاعه
قصـر
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وللقنابـــل
فــوق
الخصــم
معمعــة
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كانمــا
فــوقهم
مــن
نارهــا
سـقر
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والخيــل
تلعــب
بـالقتلى
سـنابكها
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فهــي
الصـوالج
والقتلـى
لهـا
أكـر
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والســيف
انجــع
مـن
تـأثير
موعظـة
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يـوم
الضـراب
لمـن
لـم
تنهـه
العبر
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وفيـك
مـن
شـيم
ابـن
الغيـل
صـولته
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والــبيض
مشــرعة
والســمر
تشــتجر
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وقــد
رزقــت
مــن
الرحمــن
نصـرته
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فــي
موقـف
حـاطه
التأييـد
والظفـر
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ســعت
اليــك
عتــاق
الخيـل
معلمـة
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تحــت
الكمـاة
ومـا
فـي
عطفهـا
زَور
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فلا
برحـــت
مليــك
النــاس
قاطبــة
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يشــق
هــام
العـدى
صمصـامك
الـذكر
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عـزذَت
بـك
الدولـة
العظمـى
بوارجها
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فالكـاب
فالهنـد
فالسـودان
فـالجُزرُ
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وكـــاد
تاجــك
يــأبى
أن
نضــارعه
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بالشـمس
لـم
لـم
يكـن
فـي
حجمه
صغر
|
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يــا
ســعد
قـوم
قيـام
حـول
بهرتـه
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فــي
ظــل
ملــك
مديـد
ليـس
ينحسـر
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فيهــم
وفــود
ملـوك
الارض
مـا
لهـمُ
|
الا
التعجــب
مــن
إجلال
مــا
نظـروا
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يســتخبرون
عــن
الــدنيا
وزينتهـا
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ويســألون
مـن
العليـاء
مـا
الخـبر
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تــاج
قــد
انبعثــت
منــه
أشــعته
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فكــاد
يخطــف
مــن
لألائهــا
البصـر
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يــا
حــظ
عيــن
رأتــه
فـي
تـوهجه
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رأد
الضــحى
وبصــيص
الــدر
يزدهـر
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كـــأنه
وهـــو
مـــزدان
بصـــاحبه
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زهــر
النجـوم
تجلـى
بينهـا
القمـر
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أراه
أولـــى
بوصــف
فيــه
أبــدعه
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لــو
أدركـت
وصـفه
الأوهـام
والفكـر
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وكيــف
يفصــح
لــي
وصـف
لـدى
ملـك
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تعشـى
العيـون
علـى
تيجـانه
الـدرر
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والــدير
أعجــب
مــا
فيـه
تمـاوجه
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مــن
الشــعوب
بخلــق
ليــس
ينحصـر
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بــه
المصــابيح
فوضـى
فـي
جـوانبه
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كــأنه
الافــق
وهــي
الأنجـم
الزُّهـرُ
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وأنــت
فيــه
مهيــب
القـدر
مكتنـف
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بدولــة
قشــعت
عــن
دسـتها
الغِيَـر
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فكيــف
تقــوى
علــى
نطــق
أسـاقفة
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مــن
الجلا
عراهــا
العــي
والحصــر
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أذكرتنــا
مــن
الفـاروق
مـا
ذكـرت
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عدالـــة
بثهــا
فــي
قــومه
عُمــر
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علمـت
قـومي
فيـك
المـدح
فـابتكروا
|
لــك
المعــاني
بشــعر
كلــه
غــرر
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أحــب
شــعر
إلــى
نفســي
وأصــدقه
|
شــعر
بمــدحك
فــي
الآفــاق
منتشـر
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