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منكــد
الحــظ
كــثير
الجلـد
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يخــاله
الـرائي
خيـال
الأبـد
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مســدد
النظــرة
فــي
قــومه
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مشــهم
المفـرق
عـارى
الجسـد
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لــم
تبكــه
الأشــجان
لكنــه
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مقطــب
الــوجه
حليـف
الكمـد
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قــد
أرسـل
النيـل
رسـولا
لـه
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يبحــث
عــن
مجـد
قـديم
فقـد
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كتــاب
تاريــخ
قرأنــا
بــه
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عـن
مصـر
أهـوالا
تهـد
الجلـد
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أعــادت
اللاهــي
إلــى
رشـده
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وأوقـدت
فـي
القلـب
ناراً
تقد
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ويجتلــى
النــاظر
مـن
بـابه
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فـي
ظلمـة
الليـل
شعاع
الرشد
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ومصــــر
لا
تعـــرف
الا
بـــه
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كــأنه
عنــوان
هــذا
البلـد
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لســــانه
أبكــــم
لكنمـــا
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تخــاله
يصــرخ
فيمــن
رقــد
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من
نام
عن
نيل
العلا
ما
ارتقى
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ومـن
مشـى
فـي
الأرض
سعيا
وجد
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وصــاحب
الهمــة
يعلــو
بهـا
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وكــــل
كلان
عــــدو
ألــــد
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يطــوف
فــي
ارجــائه
صـارخاً
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جيــش
مـن
الأرواح
جـم
العـدد
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أرواح
فرعــــون
وأنصــــاره
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مـن
شـيدوا
مجـدا
متين
العمد
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أضـــاعه
أبنـــاؤهم
بعــدهم
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وعـــز
مجــد
ضــائع
لا
يــرد
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يـا
ليتنـا
نرجـع
مجـدا
مضـى
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لا
تعــزب
الحيلــة
عمـن
يجـد
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تدوســه
الــزوار
مــن
هـابط
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أو
صــاعد
غــر
عليــه
صــعد
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قــد
اســتبدوا
ونسـوا
مجـده
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كأنمــا
القــادر
مـن
يسـتبد
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كــأنه
لــم
يكـن
قـبر
الـذي
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كــان
أخــا
جـد
بعيـد
الامـد
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حـق
علـى
الـزوار
أن
يسـجدوا
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يـا
سـعد
مـن
فـي
ظله
قد
سجد
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يـا
دارس
التاريـخ
قـف
خاشعا
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فعمــدة
التاريـخ
هـذا
الأسـد
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يـا
باحثـا
عـن
مجـد
دهر
مضى
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وجـدت
فـي
الأهـرام
مـا
تفتقد
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