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مـاذا
يقـول
النـاس
فـي
طريـق
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مبـداه
طهـر
القلـب
بـالتحقيق
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عمـا
سـوى
اللـه
العظيـم
ربنا
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يــارب
طهــر
قلبنـا
ياحسـبنا
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وعقــده
اســتغراق
كـل
القلـب
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بــذكر
مولانــا
الكريــم
ربـي
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وختمـــه
الفنـــاء
بــالكليه
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فـي
اللـه
ربـي
خـالق
الـبريه
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هــذه
طريــق
الأنبيـا
والرسـل
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وأوليــاء
اللــه
أهـل
الفضـل
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ثــم
اعلمــوا
أن
صـلاح
القلـب
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أن
لا
يحــب
الشـخص
غيـر
الـرب
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تصــير
قــرة
عينــه
العبـاده
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لأجلهـــا
يـــترك
كــل
عــاده
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يـرى
معاصـي
اللـه
نارلا
محرقه
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وكالســموم
والميـاه
المغرقـه
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وكــل
قلــب
فيـه
ميـل
للسـوى
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فــإنه
يـا
صـاح
عبـد
للهـوىء
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وإن
أردت
طلـــــب
الكمــــال
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والفـوز
فـي
العقبى
وفي
المآل
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عليـــك
بالعزلـــة
بالرمــال
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وبـــالتخلي
بـــاطن
الجبــال
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وادفــن
وجـودك
داخـل
الخمـول
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واتـرك
جميـع
النـاس
والفضـول
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واذكرإلهــك
وأنــس
مـا
سـواه
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فـي
كـل
وقـت
وانـف
مـا
عـداه
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وإن
أتــى
أمــر
مــن
الرحمـن
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فــارض
بــه
تفــوز
بالرضـوان
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والمــرء
مكلــوء
بعيـن
اللـه
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وبــالنعم
مغمــور
وهـو
سـاهي
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فـــواجب
عليــه
شــكر
الــرب
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وصـــبره
عنــد
البلا
والكــرب
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والصــبر
رأس
الخيـر
والإيمـان
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وهــو
عزيــز
عنــد
الإمتحــان
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فليحــذر
الشــخص
مـن
التـبرم
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وكــثرة
الشـكوى
لـدى
التـألم
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وليلتجـي
إلـى
العليـم
القادر
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بقلبــــه
وســـره
والظـــاهر
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وليعتمــد
عليــه
فــي
جميــع
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أمــوره
مــن
هيــن
أو
رفيــع
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وليشــهد
الخيـرة
فـي
القضـاء
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وفـــي
جميـــع
الضــر
والبلاء
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وليحســن
الظــن
بـذي
الإحسـان
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ذي
الفضـل
والجـود
عظيم
الشان
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ولا
يســـىء
ظنــا
ولا
يســتبطي
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إجابــة
مــن
الكريـم
المعطـي
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واعلــم
بــأن
كـل
شـيء
بسـبب
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وللســبب
وقــت
وعمــر
مكتتـب
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وكــل
ضــيق
سـوف
يتلـوه
فـرج
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ويـأتي
اليسـر
وينـزاح
الحـرج
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واقنـع
مـن
الـدنيا
بمـا
تيسر
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ودع
لمـــازاد
ومـــا
تعســـر
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ومــن
تيقــن
أن
مــولاه
يـراه
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استحيا
ان
يرجو
ويخشى
من
سواه
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ومــن
تيقـن
نظـر
اللـه
إليـه
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لـم
يخـترالا
كـل
ما
يقضي
عليه
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والنـافع
الضـار
المهيمن
ربنا
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فاحــذر
تخـاف
غيـره
يامؤمنـا
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واتـرك
جميع
الناس
لا
تعبأ
بهم
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أيضــا
ولا
تركـن
إلـى
إخـائهم
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فــــإنهم
لا
يملكـــون
بـــرا
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لنفســـهم
أو
يـــدفعون
ضــرا
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